Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
खून में जमा गंदे यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को बाहर निकालने के लिठकरें ये 4 योगासन, à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें करने का तरीका
Yoga poses for uric acid: यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेवल बà¥à¤¨à¥‡ से कई गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। इससे गाउट, किडनी की पथरी, जोड़ों में दरà¥à¤¦ आदि का खतरा बॠसकता है। बेहतर डाइट, सही आहार और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे पैदल चलना, तैरना और योग की मदद से यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° को कम किया जा सकता है।
Â
शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (Uric Acid) का बà¥à¤¨à¤¾ आजकल à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ बनी हà¥à¤ˆ है, जिससे बहà¥à¤¤ से लोग पीड़ित रहते हैं। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¤• गंदा पदारà¥à¤¥ है, जो शरीर में पà¥à¤¯à¥‚रीन नामक यौगिक की वजह से खून में बनता है। खाने-पीने की कà¥à¤› चीजों में पà¥à¤¯à¥‚रिन की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है, जिनके अधिक सेवन से इसका खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
वैसे तो यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¤• à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट के रूप में काम करता है और रकà¥à¤¤ वाहिकाओं की हिफाजत करता है लेकिन इसका लेवल बà¥à¤¨à¥‡ से कई गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। इससे गाउट, किडनी की पथरी, जोड़ों में दरà¥à¤¦ आदि का खतरा बॠसकता है। बेहतर डाइट, सही आहार और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे पैदल चलना, तैरना और योग की मदद से यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° को कम किया जा सकता है।
21 जून को अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ योग दिवस (International Day of Yoga) है और इस अवसर पर अवसर पर फिटनेस गà¥à¤°à¥ à¤à¤‚ड होलिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ मिकी मेहता आपको कà¥à¤› योगासन बता रहे हैं, जो खून में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेवल कम करके आपको कई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचा सकते हैं।
ताड़ासन (Mountain Pose)
शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ कम करने के लिठआपको ताड़ासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा यह सरल योग आपको धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ बढ़ाने में à¤à¥€ मदद करता है। इसे करने के लिठपैरों के साथ लंबा खड़े हो जाà¤à¤‚। हाथों को ऊपर की तरफ सीधा रखें। पूरी गहरी सांस लें और अपने हाथों को ऊपर उठाà¤à¤‚। हथेलियां à¤à¤• दूसरे के सामने हों और हाथ सीधे आसमान की ओर हों।
वृकà¥à¤·à¤¾à¤¸à¤¨ (Tree Pose)
यह आपके संतà¥à¤²à¤¨ को बेहतर बनाने और आपकी पीठऔर पैरों को मजबूत करने के लिठà¤à¤• बेहतर आसन है। अपने दाहिने पैर को अपनी बाईं जांघ पर ऊपर की ओर रखें। पैर का तलवा सपाट होना चाहिठऔर मजबूती से रखा जाना चाहिà¤à¥¤ अपने बाà¤à¤‚ पैर को सीधा रखें और संतà¥à¤²à¤¨ पाà¤à¤‚। सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ हाथों को सिर के ऊपर उठाà¤à¤‚ और हथेलियों को आपस में मिला लें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आपकी रीढ़ सीधी है और कà¥à¤› गहरी सांसें लें। धीरे-धीरे सांस छोड़ें और अपने हाथों को नीचे लाà¤à¤‚ और अपने दाहिने पैर को छोड़ दें। दूसरे पैर से à¤à¥€ यही पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दोहराà¤à¤‚।
अरà¥à¤§à¤®à¤¤à¥à¤¸à¥à¤¯à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ (Ardhamatsyendrasana)
यह मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेवल कम करने के साथ कंधों, कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ और पीठपर à¤à¥€ काम करती है। इसे करने के लिठरीढ़ को सीधा रखते हà¥à¤ पैरों को फैलाकर बैठजाà¤à¤‚। बाà¤à¤‚ पैर को मोड़ें और बाà¤à¤‚ पैर की à¤à¤¡à¤¼à¥€ को दाà¤à¤‚ कूलà¥à¤¹à¥‡ के पास रखें। दाà¤à¤‚ पैर को बाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के ऊपर ले जाà¤à¤‚ और बाà¤à¤‚ हाथ को दाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ पर रखें। दाहिना हाथ अपने पीछे रखें। अपनी कमर, कंधे और गरà¥à¤¦à¤¨ को दाहिनी ओर मोड़ें और दाहिने कंधे के ऊपर देखें। रीढ़ को सीधा रखते हà¥à¤ लंबी सांस अंदर और बाहर जारी रखें। सांस छोड़ते हà¥à¤ पहले दाहिने हाथ को छोड़ें, फिर छाती और कमर को छोड़ें। अपनी गरà¥à¤¦à¤¨ को ढीला छोड़ दें और आराम से बैठजाà¤à¤‚। दूसरी तरफ दोहराà¤à¤‚।
सà¥à¤¬à¤¹ उठकर करें ये योगासन, रहेंगे पूरा दिन तरोताज़ा
धनà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ (Dhanurasana)
-dhanurasana
इसे करने के लिठअपने पेट के बल लेट जाà¤à¤‚, हाथों को धड़ के साथ, हथेलियां ऊपर उठाà¤à¤‚, और अपने पैरों को कूलà¥à¤¹à¥‡-चौड़ाई से अलग रखें। अब सांस अंदर लें और जोर से अपनी à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने नितंबों से दूर उठाà¤à¤‚, अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ें और अपनी टखनों को पकड़ें। पैरों को हिप-चौड़ाई की दूरी पर रखें। सीधे देखें और अपने चेहरे को तनाव मà¥à¤•à¥à¤¤ रखें। पेट को फरà¥à¤¶ से दबाने से सांस लेने में दिकà¥à¤•त होगी। अपने धड़ के पिछले हिसà¥à¤¸à¥‡ में अधिक सांस लें, और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि सांस रोकना नहीं है। लंबी और गहरी सांस लें और इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में 20-30 सेकंड तक रहें। सांस छोड़ते हà¥à¤ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को छोड़ दें और कà¥à¤› सांसों के लिठचà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤ª लेट जाà¤à¤‚।
| --------------------------- | --------------------------- |